धर्मनगरी मथुरा में यम द्वितीया (भाई दूज) के ऐतिहासिक मेले को राजकीय मेले का दर्जा दिलाने की मांग तेज हो गई है। श्री माथुर चतुर्वेद परिषद (रजि.), मथुरा ने 30 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह को पत्र सौंपकर यम द्वितीया मेले को राजकीय मेला घोषित करने और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
परिषद का कहना है कि यम द्वितीया के पावन अवसर पर विश्राम घाट पर यमुना स्नान करने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु मथुरा पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पर्व पर भाई-बहन के यमुना स्नान का विशेष महत्व है। हर वर्ष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण घाटों और आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्थाएं बड़ी चुनौती बन जाती हैं। इसके बावजूद इस ऐतिहासिक मेले को राजकीय मेले के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
परिषद ने पत्र में बताया कि वर्ष 2026 में यम द्वितीया का पर्व 10 और 11 नवंबर को मनाया जाएगा। पर्व से लगभग 15 दिन पहले ही तीर्थयात्रियों का आगमन शुरू हो जाता है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर समय रहते विशेष इंतजाम किए जाने की जरूरत है।