मथुरा में शरद पूर्णिमा के पावन पर्व को लेकर मंदिरों में धार्मिक आयोजनों की धूम देखने को मिल रही है। इसी क्रम में श्री कृष्ण जन्मस्थान के समीप मलपुरा स्थित प्राचीन ठाकुर केशव देव मंदिर में शरद पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर छप्पन भोग एवं भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर को दूधिया रोशनी से सजाया गया, वहीं सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी के दर्शन कर भजन-कीर्तन का आनंद लिया।
तस्वीरें मथुरा के प्राचीन ठाकुर केशव देव मंदिर की हैं, जहां शरद पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। हर वर्ष की भांति इस बार भी मंदिर परिसर में छप्पन भोग एवं भजन संध्या का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे मंदिर प्रांगण को दूधिया रंग की आकर्षक रोशनी से सजाया गया, जिसकी छटा देखते ही बन रही थी। आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के संबंध में गोस्वामी समाज के लोगों ने बताया कि शरद पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर प्राचीन ठाकुर केशव देव मंदिर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह ठाकुर जी का विधि-विधान के साथ महाभिषेक किया गया। इसके बाद सायंकाल ठाकुर जी को छप्पन भोग अर्पित किए गए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
वहीं, श्री कृष्ण सामूहिक संकीर्तन मंडल की ओर से भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। संकीर्तन मंडल के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। देर तक चले इस धार्मिक आयोजन में पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर मथुरा की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत की। ठाकुर जी के छप्पन भोग, भजन-कीर्तन और आकर्षक विद्युत सजावट ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।