मथुरा में महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण और जागरूकता को लेकर पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में थाना गोविंदनगर की मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। साथ ही छात्राओं को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के बारे में बताते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलने वाली निःशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन के प्रति जागरूक किया गया।
उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति फेज-6.0 अभियान के तहत 24 अक्टूबर को थाना गोविंदनगर की पुलिस टीम ने महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया। एसएसपी मथुरा के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों, बसों और रास्तों पर छेड़छाड़ जैसी घटनाओं का सामना करने पर डरने के बजाय तत्काल शिकायत करने की अपील की।
पुलिस टीम ने महिलाओं को वीमेन पावर लाइन 1090 और पुलिस आपातकालीन सेवा 112 सहित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य माध्यमों का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
अभियान के दौरान यातायात नियमों के प्रति भी जागरूक किया गया। महिलाओं और छात्राओं से स्वयं यातायात नियमों का पालन करने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की गई।
हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
पुलिस टीम ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, वीमेन हेल्पलाइन 181, गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के लिए एम्बुलेंस सेवा 102, एम्बुलेंस सेवा 108, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, अग्निशमन सेवा 101 और साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में भी जानकारी दी।
छात्राओं को बताई मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना
मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के बारे में भी विस्तार से बताया गया। पुलिस टीम ने जानकारी दी कि इस योजना के माध्यम से यूपीएससी, यूपीपीएससी, नीट, जेईई, एनडीए और सीडीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रशिक्षण तथा विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है।
छात्राओं को बताया गया कि योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली और जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग एवं उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक संसाधनों की कमी उनकी सफलता में बाधा न बने।
थाना गोविंदनगर पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, किसी भी तरह के उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल सहायता लेने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।