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Monday, 19 Oct 2026
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मथुरा रामलीला में कुंभकरण और मेघनाद का अंत, सुलोचना सती की लीला ने दर्शकों को किया भावुक

धर्मनगरी मथुरा में श्रीरामलीला सभा के तत्वावधान में रामलीला महोत्सव की धूम जारी है। रामलीला मैदान और चित्रकूट लीला मंच पर कुंभकरण वध, मेघनाद वध और सुलोचना सती की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया।

कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों को जीवंत कर दिया। भगवान श्रीराम और कुंभकरण के बीच भीषण युद्ध के बाद कुंभकरण का वध हुआ, वहीं लक्ष्मण ने मेघनाद का अंत कर दिया। मेघनाद की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी सुलोचना के सती होने के प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। अब 20 अक्टूबर को रामलीला मैदान में अहिरावण वध और रावण वध की लीला का मंचन होगा, जिसके बाद दोनों के पुतलों का दहन किया जाएगा।

मथुरा में रामलीला महोत्सव के अंतर्गत भगवान श्रीराम की लीलाओं का मंचन श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है। श्रीरामलीला सभा की ओर से रामलीला मैदान और चित्रकूट लीला मंच पर कुंभकरण वध, मेघनाद वध और सुलोचना सती के प्रसंगों का मंचन किया गया। इन धार्मिक लीलाओं को देखने के लिए दर्शकों में खासा उत्साह दिखाई दिया।

लीला के दौरान दिखाया गया कि युद्धभूमि में भगवान श्रीराम और रावण के भाई कुंभकरण के बीच भीषण युद्ध होता है। युद्ध के अंत में भगवान श्रीराम कुंभकरण का वध कर देते हैं। इसके बाद लक्ष्मण और मेघनाद के बीच घमासान युद्ध का मंचन किया गया, जिसमें लक्ष्मण मेघनाद का वध कर देते हैं।

मेघनाद की मृत्यु का समाचार मिलने के बाद उसकी पत्नी सुलोचना भगवान श्रीराम के पास पहुंचती है और अपने पति के साथ सती होने की अनुमति मांगती है। इस प्रसंग का भावपूर्ण मंचन देखकर दर्शक भावुक हो उठे। कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से रामायण के इन प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

20 अक्टूबर को होगा रावण वध

श्रीरामलीला सभा की ओर से आयोजित आगामी कार्यक्रम में 20 अक्टूबर को शाम चार बजे से रामलीला मैदान में अहिरावण वध और रावण वध की लीला का मंचन किया जाएगा। इसके बाद अहिरावण और रावण के पुतलों का दहन होगा। इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं और दर्शकों में उत्साह बना हुआ है।

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