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Thursday, 15 Oct 2026
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मथुरा में नवरात्रि पर निकली नौ देवियों की भव्य झांकी, नन्हे-मुन्नों ने दिया नारी शक्ति का संदेश

मथुरा में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर की शिशु वाटिका के तत्वावधान में गुरुवार को नौ देवियों की भव्य झांकी और शोभायात्रा निकाली गई। इस आयोजन में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मां भगवती के नौ स्वरूपों के साथ भगवान श्रीराम और लक्ष्मण का रूप धारण कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। बच्चों की आकर्षक वेशभूषा और धार्मिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भारतीय मूल्यों से परिचित कराने के साथ समाज को नारी शक्ति का सशक्त संदेश देना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद मां भगवती के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पूजा के उपरांत भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने नगर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया। शोभायात्रा में शामिल बच्चों ने देवी के विभिन्न स्वरूपों को प्रस्तुत कर नारी शक्ति, साहस और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया। नगर भ्रमण के बाद शोभायात्रा वापस विद्यालय पहुंचकर संपन्न हुई।

विद्यालय प्रबंधन की ओर से बच्चों को नवरात्रि पर्व के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी गई। अध्यापकों ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेषताओं और उनके आदर्शों से बच्चों को अवगत कराया। साथ ही भगवान श्रीराम और उनके छोटे भाई लक्ष्मण के जीवन प्रसंगों के माध्यम से मर्यादा, साहस, कर्तव्य और धर्म की रक्षा का महत्व समझाया गया। बच्चों को बताया गया कि भगवान श्रीराम और लक्ष्मण ने मर्यादा का पालन करते हुए अधर्म और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष किया था।

विद्यालय के प्रधानाचार्य दीपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आज के समय में बच्चों को अपनी संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सनातन धर्म के मूल्यों से परिचित कराना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक ग्रंथों और महापुरुषों के आदर्शों की जानकारी देने का प्रयास किया जाता है, ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझ सके और उससे जुड़ी रहे।

प्रधानाचार्य ने नारी शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि नारी कभी अबला नहीं होती। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। मां दुर्गा के विभिन्न रूप इस बात का प्रतीक हैं कि नारी में ममता और करुणा के साथ साहस एवं शक्ति भी विद्यमान है। आवश्यकता पड़ने पर नारी शस्त्र उठाकर अन्याय और अधर्म के विरुद्ध खड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से बच्चों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि नारी का सम्मान करना और उसकी शक्ति को पहचानना समाज की जिम्मेदारी है।

नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बच्चों को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ नारी सम्मान, आत्मरक्षा, साहस और धर्म के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। विद्यालय की इस पहल के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

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