धर्मनगरी मथुरा-वृंदावन में दीपावली और यम द्वितीया जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले सफाई व्यवस्था को लेकर संकट गहराता नजर आ रहा है। नगर निगम की बोर्ड बैठक पिछले छह माह से नहीं होने के कारण 540 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव लंबित है। इससे नाराज सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 27 अक्टूबर तक उनके हित में ठोस पहल नहीं हुई, तो वे एक नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। ऐसा होने पर त्योहारों के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
एंकर: मथुरा-वृंदावन नगर निगम में बोर्ड बैठक नहीं होने का असर अब विकास कार्यों के साथ-साथ सफाई व्यवस्था पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। पिछले छह माह से 540 सफाई कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव अटका हुआ है। कर्मचारियों का आरोप है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी नियुक्ति को लेकर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। इसी नाराजगी के चलते सफाई कर्मचारियों ने आंदोलन का ऐलान किया है। अगर समय रहते समाधान नहीं निकला, तो दीपावली और यम द्वितीया जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों पर शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
वीओ: जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल को नगर निगम की बोर्ड बैठक में डूडा के माध्यम से 540 सफाई कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव पारित किया गया था। लेकिन प्रस्ताव पर महापौर के हस्ताक्षर नहीं हो पाने के कारण नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद से ही भर्ती का मामला लंबित चल रहा है।
बताया जा रहा है कि नियुक्ति की उम्मीद में कर्मचारियों से मथुरा-वृंदावन के अलग-अलग वार्डों में करीब 15 दिनों तक सफाई कार्य भी कराया गया था। लेकिन छह माह बीतने के बाद भी नियुक्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की कमी के चलते लंबे समय से नई भर्ती की मांग उठ रही है। कई पार्षदों की पहल के बाद ही 540 कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में लाया गया था।
वहीं, सफाई कर्मचारी नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर महापौर से मुलाकात भी की थी। बताया जाता है कि मुलाकात के दौरान महापौर ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं हो पाने को अपनी चूक माना था। इसके बावजूद नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पहले आश्वासन पर स्थगित हुई थी हड़ताल
इससे पहले सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की थी। उस दौरान नगर आयुक्त ने जल्द बोर्ड बैठक बुलाकर भर्ती प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने का आश्वासन दिया था। इसी भरोसे पर कर्मचारियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। लेकिन अब तक बोर्ड बैठक नहीं होने और मांगों पर निर्णय लंबित रहने से कर्मचारियों ने दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी है।
कर्मचारियों का कहना है कि यदि 27 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई, तो एक नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। ऐसे में त्योहारों के दौरान सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
बोर्ड बैठक नहीं होने से पार्षद भी परेशान
नगर निगम की बोर्ड बैठक लंबे समय से नहीं होने के कारण पार्षदों के सामने भी समस्याएं खड़ी हो रही हैं। वित्तीय मामलों से जुड़े विकास कार्यों सहित कई प्रस्ताव लंबित पड़े हैं। इस स्थिति को देखते हुए कुछ पार्षद महापौर की अनुपस्थिति में बोर्ड बैठक बुलाने के लिए शासन से अनुमति लेने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। यदि अनुमति मिलती है, तो लंबित प्रस्तावों पर चर्चा और सफाई कर्मचारियों की भर्ती के मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
फिलहाल, 540 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति और बोर्ड बैठक को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन समय रहते कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं। क्योंकि मामला केवल नियुक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि दीपावली और यम द्वितीया पर मथुरा-वृंदावन की सफाई व्यवस्था भी इससे प्रभावित हो सकती है।