मथुरा में ईमानदारी से अपना पैसा वापस मांगना एक युवक को भारी पड़ गया। टाइल्स लगाने के नाम पर एडवांस डकारने वाले दबंगों ने एक युवक पर फरसे और लात-घूंसों से पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया था हालांकि पुलिस ने अब तत्परता दिखाते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
पूरी घटना 30 अप्रैल की है।जब नगला पायसा निवासी अनुराग चतुर्वेदी ने आरिफ नाम के ठेकेदार को घर में टाइल्स लगाने के लिए एडवांस की रकम दी थी। आरिफ न तो काम पर आया और न ही उसने पैसे लौटाए। जब अनुराग अर्जुनपुरा से गुजर रहे थे, तो उन्होंने आरिफ से अपने पैसे वापस मांगे।
इसी बात पर आरिफ आगबबूला हो गया और अपने साथियों के साथ मिलकर हमला कर दिया आरोप है कि आरिफ ने अनुराग की नाक पर घूंसा मारकर उसे लहूलुहान कर दिया। वहीं, आरिफ के बुलाने पर शाहिद सट्टे वाला और सोहेल भी वहां पहुंच गए। शाहिद ने मांस काटने वाले हथियार जैसे फरसे से अनुराग के सिर पर जानलेवा वार किए।
अनुराग जान बचाकर भागे और सीधे थाने पहुंचे, जहां से उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा गया।और इस वक्त अनुराग चतुर्वेदी का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक रवि त्यागी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जाल बिछाया और मुखबिर की सूचना पर गऊघाट आरती स्थल के पास से मुख्य आरोपी आरिफ और शोएब उर्फ सोहेल को गिरफ्तार कर लिया है। इंस्पेक्टर रवि त्यागी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी
अर्जुनपुरा के रहने वाले हैं। घटना में शामिल तीसरे आरोपी शाहिद की तलाश की जा रही है। जानलेवा हमले के आरोपियों को गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाने वाले डींग गेट चौकी प्रभारी रिंकेश शर्मा और उप-निरीक्षक अमित कुमार सहित चार पुलिसकर्मी शामिल है।