मथुरा में बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर 30 सितंबर को सेंट डोमिनिक्स स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रावधानों और कानूनी पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विकास कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नितिन कुमार, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-रेलवे सूर्यभान कुमार वर्मा और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता सिंह सहित विद्यालय के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
जनपद न्यायाधीश ने विद्यार्थियों को सरल भाषा में पॉक्सो अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति कानून की नजर में बच्चा है और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने के उद्देश्य से पॉक्सो कानून बनाया गया है। उन्होंने बच्चों से अपने आसपास होने वाली अनुचित घटनाओं के प्रति सजग रहने और जरूरत पड़ने पर सहायता लेने की अपील की।
वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता सिंह ने कहा कि यदि कोई बच्चा किसी परिस्थिति में खुद को असहज या असुरक्षित महसूस करता है तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए। बच्चों को अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति से तुरंत अपनी बात साझा करने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके बाद टैंक चौराहा पर वृंदावन लॉ कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के जरिए पॉक्सो अधिनियम, बाल सुरक्षा और बच्चों के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश लोगों तक पहुंचाए।
नाटक के समापन पर जनपद न्यायाधीश ने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उनकी प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं और प्रतिभागियों को स्वल्पाहार वितरित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने के साथ समाज में बाल संरक्षण और पॉक्सो कानून को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा।