मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम जारी है। कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में सड़क को 15 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है। इस परियोजना की जद में मकानों के साथ कई धार्मिक स्थल भी आए हैं। प्रशासन के मुताबिक, रास्ते में आने वाले 14 धर्मस्थलों में से 12 को अब तक हटाया जा चुका है।
खास बात यह है कि कुछ प्राचीन मंदिरों को तोड़ने के बजाय उन्हें सुरक्षित रखते हुए करीब 9-9 फीट पीछे शिफ्ट किया गया है। इनमें संकटमोचन हनुमान मंदिर, शिव मंदिर और गणेश मंदिर शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन मंदिरों के पुजारियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के अनुरोध पर स्थानांतरण में सहयोग किया।
323 मकानों पर भी कार्रवाई
सिंहस्थ परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए इस मार्ग पर करीब 323 मकानों को हटाया गया है। प्रशासन का कहना है कि इसका उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान बढ़ने वाले यातायात को व्यवस्थित करना और सड़क की क्षमता बढ़ाना है।
शाही मस्जिद का हिस्सा भी हटाया जा रहा
इस सड़क पर अब खड़े हनुमान मंदिर और शाही मस्जिद से जुड़े हिस्से को लेकर काम जारी है। शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन के बीच सहमति बनी है। रिपोर्ट के अनुसार, मुस्लिम समुदाय के लोग भी प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।
इससे पहले शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने के दौरान उज्जैन में विरोध और पुलिस के साथ पथराव की घटना हुई थी। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से जुड़े कानूनी घटनाक्रम भी सामने आए हैं। 28 सितंबर को अदालत ने संबंधित अपीलों का निपटारा उस समझौते के आधार पर किया, जो मुस्लिम पक्ष और उज्जैन नगर निगम के बीच हुआ था।
उज्जैन प्रशासन अब सिंहस्थ 2028 से पहले सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था से जुड़े बाकी कामों को पूरा करने में जुटा है।