मथुरा। विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर सोमवार को महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय में रेबीज की रोकथाम एवं बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मरीजों, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को कुत्ते या अन्य पशु के काटने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने तथा समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन और पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफाइलेक्सिस (PEP) लेने के प्रति जागरूक किया गया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज अग्रवाल ने कहा कि रेबीज एक घातक लेकिन पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी है। समय पर उपचार और जनजागरूकता से रेबीज से होने वाली मौतों को रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक रेबीज उन्मूलन के लक्ष्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है।
कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सिद्धार्थ धनगर, डॉ. एस.पी. शर्मा, एआरवी नोडल अधिकारी डॉ. अमन कुमार सहित चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।