गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चमोली के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोपेश्वर में वृहद बहुउद्देशीय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में न्यायपालिका, प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने आमजन को विधिक अधिकारों, सरकारी योजनाओं और सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराईं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी तथा माननीय न्यायमूर्ति आलोक मेहरा शामिल हुए। उनके साथ सदस्य सचिव प्रदीप कुमार मणि, जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष बिंध्याचल सिंह, जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार भी उपस्थित रहे।
शिविर में विभिन्न विभागों ने जनकल्याणकारी योजनाओं के स्टॉल लगाए। चमोली पुलिस की ओर से साइबर सेल, महिला हेल्पलाइन, यातायात पुलिस, फायर सर्विस और एसडीआरएफ के स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। यहां साइबर अपराध से बचाव, महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़ी जानकारी दी गई तथा आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया।
माननीय न्यायमूर्तियों ने पुलिस स्टॉलों का निरीक्षण कर उपलब्ध संसाधनों और फायर सेफ्टी उपकरणों की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराध और अग्नि सुरक्षा के प्रति लगातार जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
चमोली पुलिस साइबर सेल ने बताया कि साइबर ठगी के पीड़ितों को अब तक करीब ₹4.50 लाख की धनराशि वापस दिलाई जा चुकी है। इस उपलब्धि पर माननीय न्यायमूर्ति ने साइबर सेल के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि तकनीकी अपराधों से बचाव के लिए जनजागरूकता सबसे प्रभावी उपाय है।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने शिविर के दौरान तमक नाला आपदा, टीएचडीसी हादसे और हाल ही में सम्पन्न मां नंदा जात यात्रा के दौरान चमोली पुलिस द्वारा किए गए राहत, रेस्क्यू और सुरक्षा प्रबंधन की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि लगभग 280 किलोमीटर की दुर्गम पैदल यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात, संचार व्यवस्था और आपात सहायता के लिए व्यापक पुलिस बल तैनात किया गया था।
माननीय न्यायमूर्तियों ने चमोली पुलिस के जनसेवा, राहत एवं रेस्क्यू कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विधिक जागरूकता और सुरक्षा सेवाओं का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक न्याय और संरक्षण को सरल एवं सुलभ बनाना है।
कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, पराविधिक कार्यकर्ता, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।