राधाष्टमी जन्मोत्सव के बाद बरसाना धाम में आस्था का सबसे दिव्य क्षण देखने को मिला, जब वृषभानु नंदिनी श्रीजी लाडली सरकार सफेद संगमरमर की छतरी में विराजमान होकर लाखों श्रद्धालुओं को दर्शन देने पहुंचीं। पूरा मंदिर परिसर राधे-राधे के जयघोष से गूंज उठा।
बरसाना के ब्रह्माचल पर्वत स्थित श्री लाडलीजी मंदिर में सुबह राधा-कृष्ण के श्रीविग्रह को स्वर्ण और रजत हिंडोले में विराजमान कर 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। दिनभर देशभर से आए श्रद्धालुओं ने परिक्रमा की, जबकि नंदगांव और बरसाना के सेवायतों ने पारंपरिक बधाई गायन से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
शाम करीब साढ़े चार बजे जैसे ही पुष्पों से सजा दिव्य डोला गर्भगृह से निकला, मंदिर परिसर राधे-राधे के जयकारों से गूंज उठा। ढोल-नगाड़ों और शहनाई की मधुर धुन के बीच लाडलीजी को सफेद संगमरमर की छतरी में विराजमान कराया गया, जहां पुष्पवर्षा के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने राधारानी के दुर्लभ दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।