ब्रजभूमि में राधाष्टमी से पहले भक्ति का रंग और गहरा हो गया है। बरसाना के ऊँचागांव स्थित राधारानी की प्रधान सखी ललिता जी के जन्मोत्सव पर श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। दर्शन और अभिषेक के लिए हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
पंचामृत अभिषेक से गूंजा मंदिर परिसर
भाद्रपद शुक्ल षष्ठी के अवसर पर ललिता अटोर मंदिर में ललिता सखी का घी, दूध, दही, शहद, केसर एवं सुगंधित द्रव्यों से भव्य पंचामृत अभिषेक किया गया। अभिषेक के दौरान पूरा मंदिर परिसर “राधे-राधे” और “जय ललिता सखी” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
लोकनृत्य और बधाई गायन ने बांधा समां
ब्रजाचार्य श्रील नारायण भट्ट ने बताया कि ललिता जी का प्राकट्य राधारानी से दो दिन पूर्व हुआ था। जन्मोत्सव पर बधाई गायन के साथ गुर्जर समाज की महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने पारंपरिक ब्रज लोकनृत्य प्रस्तुत किया, जिसने समारोह की शोभा और बढ़ा दी।
राधाष्टमी महोत्सव की तैयारियां चरम पर
अब 19 सितंबर को श्री वृषभान दुलारी राधारानी के प्राकट्य महोत्सव को लेकर पूरे ब्रज मंडल में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बरसाना और आसपास के मंदिरों को भव्य रूप से सजाया जा रहा है तथा लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारी की जा रही है।