मथुरा नगर निगम के वार्ड संख्या-11 स्थित ग्राम धनगांव में पिछले 8 से 9 महीनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि पिछले 10 से 15 दिनों से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद पड़ी है। बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान न होने से ग्रामीणों में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी है। अब लोग अपनी जेब से पानी खरीदकर प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पेयजल समस्या को लेकर नगर निगम के अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। करीब दो सप्ताह से जलापूर्ति पूरी तरह ठप होने के कारण पीने के पानी के साथ-साथ घरेलू उपयोग के लिए भी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पानी की सप्लाई बंद होने से ग्रामीण निजी खर्च पर टैंकर और पानी के कैंपर मंगवा रहे हैं। उनका कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में रहने के बावजूद वे नियमित रूप से टैक्स और जल शुल्क का भुगतान करते हैं, फिर भी उन्हें मूलभूत सुविधा के लिए अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस संकट का सबसे अधिक असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। रोजमर्रा के कार्यों के लिए पानी की व्यवस्था करना परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि धनगांव में तत्काल जलापूर्ति बहाल की जाए। साथ ही, जब तक पाइपलाइन की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक प्रभावित क्षेत्र में नियमित रूप से पानी के टैंकर भेजे जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों के समक्ष आंदोलन करने को मजबूर होंगे।