मथुरा में योगीराज भगवान श्रीकृष्ण का 5253वाँ जन्मोत्सव पूरे ब्रज में अपार श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से श्रीकृष्ण की नगरी पहुंचे और विभिन्न मंदिरों में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव का साक्षी बने। इसी क्रम में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के समीप मलपुरा स्थित प्राचीन ठाकुर केशव देव मंदिर में भी आधी रात भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। जैसे ही रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का शुभ क्षण आया, पूरे मंदिर में घंटा-घड़ियाल, शंखनाद और “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए लड्डू गोपाल का स्वागत किया और जन्म की खुशियों में झूम उठे।
जन्मोत्सव के तुरंत बाद वैदिक आचार्यों द्वारा वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच भगवान ठाकुर केशव देव का पंचामृत से भव्य महाअभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद, शक्कर और गंगाजल से भगवान का अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया। इस दिव्य अनुष्ठान के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु श्रद्धाभाव से दर्शन करते रहे और मंदिर परिसर पूरी तरह कृष्णमय भक्ति में डूब गया।
महाअभिषेक के उपरांत ठाकुर जी की मनोहारी झांकी सजाई गई, आरती उतारी गई तथा भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। जन्माष्टमी की इस अलौकिक बेला पर भक्त नृत्य, संकीर्तन और जयकारों के साथ देर रात तक भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आनंद लेते रहे।