उत्तर प्रदेश में लापरवाही बरतने वाले राजस्व अधिकारियों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा प्रहार किया है। लंबित राजस्व मामलों के निस्तारण में ढिलाई मिलने पर 4 तहसीलदार और 1 नायब तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राजस्व परिषद ने प्रदेशभर में लंबित राजस्व न्यायालयों के मामलों की समीक्षा की। जांच में कई अधिकारियों द्वारा बार-बार निर्देशों के बावजूद मामलों का समय पर निस्तारण न करने और गंभीर लापरवाही सामने आई।
इसके बाद सरकार ने पवन कुमार सिंह, अतुल हर्ष, हरिराम यादव और आनंद ओझा समेत चार तहसीलदार तथा विवेक कुमार सिंह नायब तहसीलदार को निलंबित कर दिया। सभी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों और आम नागरिकों से जुड़े भूमि एवं नामांतरण मामलों में देरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की निगरानी लगातार जारी रहेगी और लापरवाही मिलने पर आगे भी सख्त कार्रवाई होगी।