नई दिल्ली | सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापकों के राजनीति में आने की संभावनाओं पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “वे संत नहीं हैं, इंसान हैं। अगर वे राजनीति में आते हैं तो यह उनका व्यक्तिगत फैसला होगा।”
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि किसी आंदोलन का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि ईमानदार नेतृत्व और व्यवस्था में सुधार अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे लोगों की जरूरत है जो सत्यनिष्ठा, जवाबदेही और जनहित को प्राथमिकता दें।
यह बयान ऐसे समय आया है जब CJP ने हाल के छात्र आंदोलनों और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर देशभर में अपनी पहचान बनाई है। वांगचुक ने युवाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक बदलाव जनता की भागीदारी से आता है, केवल पद या इस्तीफों से नहीं।