मथुरा: नगर निगम के सफाई कर्मचारी ओमप्रकाश की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद भरतपुर गेट चौराहे पर शनिवार को लगा जाम करीब 5 घंटे बाद समाप्त हो गया। सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी के आश्वासन के बाद परिजन शव हटाने पर सहमत हुए और क्षेत्र में यातायात दोबारा सुचारू हो गया।
शनिवार सुबह थाना हाईवे क्षेत्र में जय गुरुदेव मंदिर के पास ट्रैक्टर की टक्कर से सफाई कर्मचारी ओमप्रकाश की मौत हो गई थी। हादसे से नाराज परिजनों और वाल्मीकि समाज के लोगों ने भरतपुर गेट पुलिस चौकी के सामने शव रखकर सड़क जाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
शुरुआत में नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से 1.25 लाख रुपये की फौरी राहत राशि देने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन परिजनों ने इसे अपर्याप्त बताते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद मामला और संवेदनशील हो गया तथा प्रशासन ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाया।
घटनास्थल पर सिटी मजिस्ट्रेट, अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह, सीओ सिटी आशना चौधरी और शहर कोतवाल विनोद बाबू मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों और परिजनों के बीच कई दौर की वार्ता चली, जिसमें मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को रोजगार सहित अन्य मांगों पर चर्चा हुई।
करीब पांच घंटे चली बातचीत के बाद प्रशासन ने परिजनों की जायज़ मांगों पर सहमति जताई। सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी ने भरोसा दिलाया कि नियमानुसार सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद शाम करीब 5:30 बजे परिजन शांत हुए और जाम समाप्त कर शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
जाम खुलने के बाद भरतपुर गेट चौराहे पर यातायात सामान्य हो गया और पुलिस ने पूरे क्षेत्र में व्यवस्था बहाल कर दी।