नई दिल्ली बीजेपी से इस्तीफे के बाद शहजाद पूनावाला ने मिडिल क्लास और टैक्स व्यवस्था को लेकर सरकारों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी इनकम टैक्स, GST, टोल, सेस, फ्यूल टैक्स और स्थानीय टैक्स के जरिए लगातार भुगतान करता है, लेकिन बदले में उसे बेहतर बुनियादी सुविधाएं कितनी मिल रही हैं, इसका जवाब सरकारों को देना चाहिए।
पूनावाला ने सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट के जरिए कहा कि मिडिल क्लास के सामने खराब सड़कें, प्रदूषण, साफ पानी और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता जैसे सवाल लगातार बने हुए हैं। उन्होंने पूछा कि अगर लोगों से वैश्विक स्तर का टैक्स लिया जाता है, तो उन्हें वैश्विक स्तर की सुविधाएं क्यों नहीं मिलनी चाहिए।
उन्होंने खास तौर पर नौकरीपेशा लोगों के लिए पर्सनल इनकम टैक्स में राहत की मांग की। उनका कहना है कि जब तक देश में विश्वस्तरीय सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं, तब तक सैलरी पाने वाले मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ कम किया जाना चाहिए। उन्होंने टैक्स स्लैब बढ़ाने की भी बात कही।
पूनावाला ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के लिए परिवारों को अक्सर प्राइवेट स्कूल और माता-पिता के इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में टैक्स देने वाले लोगों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं और खर्च किए जा रहे हर रुपये की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
खास बात यह है कि उनके ये बयान बीजेपी से इस्तीफा देने के तुरंत बाद सामने आए हैं। 17 अगस्त 2026 को पूनावाला ने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उन्होंने अपने फैसले के पीछे व्यक्तिगत और आर्थिक परिस्थितियों का हवाला दिया था।