मथुरा सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर कान्हा की नगरी बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठी। पूरे ब्रजमंडल के शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भव्य धार्मिक आयोजन किए गए। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
शाम होते ही शहर के प्रमुख शिव मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। मंदिरों में छप्पन भोग, फूल बंगला और भजन संध्या जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिन्हें देखने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।
भूतेश्वर के समीप स्थित गणेश मंदिर में भी हर वर्ष की तरह इस बार बाबा भूतनाथ को भांग का चोला चढ़ाया गया। इसके साथ ही मंदिर परिसर में विशेष काली घटा का आयोजन किया गया। काली घटा के आकर्षक और डरावने स्वरूप को देखने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
कार्यक्रम के दौरान भजन संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें भगवान भोलेनाथ के मधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई। भजनों पर श्रद्धालु भक्त झूमते और नाचते नजर आए।
आयोजकों के अनुसार, गणेश मित्र मंडल की ओर से पिछले नौ वर्षों से लगातार काली घटा का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान भगवान भोलेनाथ को उनके भूत-प्रेत स्वरूपों के साथ विराजमान कर भांग का चोला चढ़ाया जाता है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद और भजन संध्या का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं।