मथुरा। दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और उनके उत्थान के लिए कार्य कर रहे कृष्णा जनकल्याण शिक्षण संस्थान एवं कृष्णा दिव्यांग सेवा आश्रम की ओर से पुलिस पेंशनर्स एसोसिएशन जनपद मथुरा के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सम्मान में स्वागत एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। वहीं कार्यक्रम को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए आश्रम में शिक्षा प्राप्त कर रहे करीब 60 दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षण और खाद्य सामग्री वितरित की गई।
कार्यक्रम में पुलिस पेंशनर्स एसोसिएशन जनपद मथुरा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अंचल सिंह, उपाध्यक्ष ब्रह्म स्वरूप, महासचिव सत्येन्द्र यादव, कोषाध्यक्ष हीरा लाल भगौर तथा सचिव बाबू सिंह एवं अशोक वर्मा का संस्थान की ओर से माल्यार्पण कर सम्मान किया गया।
सम्मान समारोह के दौरान पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे चुके पेंशनर्स का स्वागत करते हुए उनके अनुभव और सामाजिक योगदान की सराहना की गई। इस दौरान नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने भी संस्थान द्वारा दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि सम्मान समारोह के साथ दिव्यांग बच्चों के लिए सेवा कार्य भी किया गया। पुलिस पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कृष्णा दिव्यांग सेवा आश्रम में शिक्षा प्राप्त कर रहे लगभग 60 दिव्यांग विद्यार्थियों को स्कूल बैग, पेन, पेंसिल सहित विभिन्न प्रकार की शिक्षण सामग्री वितरित की।
इसके साथ ही बच्चों को फल और अन्य खाद्य सामग्री भी प्रदान की गई। सामग्री मिलने के बाद बच्चों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उनका उत्साहवर्धन भी किया।
संस्थान से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि कृष्णा जनकल्याण शिक्षण संस्थान एवं कृष्णा दिव्यांग सेवा आश्रम पिछले कई वर्षों से दिव्यांग बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। संस्था का प्रयास है कि दिव्यांग बच्चों को शिक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
इस अवसर पर संस्थान के सचिव कृष्ण बिहारी यादव, प्रधानाचार्य रोहित चौधरी, विनय यादव, जितेन्द्र यादव, तरुण चतुर्वेदी, ममता यादव और विद्यावती सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को केवल सहयोग की ही नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रोत्साहन और समान अवसरों की आवश्यकता है। समाज के विभिन्न वर्गों और संगठनों को आगे आकर ऐसे बच्चों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सहयोग करना चाहिए।