Please wait we are preparing awesome things...

Wednesday, 29 Jul 2026
ई-पेपर संस्करण
www.abhinews.co.in
उत्तर प्रदेश संस्करण
PAGE - 01
यूपी को स्टार्टअप हब बनाने की तैयारी, नई स्टार्टअप नीति से युवाओं को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

उत्तर प्रदेश सरकार ने नई स्टार्टअप नीति-2026 के जरिए राज्य को देश के शीर्ष तीन स्टार्टअप राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य तय किया है। इस नीति के तहत युवाओं, महिला उद्यमियों, दिव्यांगों और पूर्वांचल-बुंदेलखंड के स्टार्टअप्स को विशेष वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य राज्य में मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करना है।

नई स्टार्टअप नीति के तहत उत्तर प्रदेश में 10,000 नए स्टार्टअप्स, 100 इनक्यूबेटर्स और हर जिले में कम से कम एक इनक्यूबेशन सुविधा विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार चाहती है कि उत्तर प्रदेश स्टार्टअप इंडिया की राज्य रैंकिंग में देश के शीर्ष तीन राज्यों में अपनी जगह बनाए।

नीति के अनुसार शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को दो वर्षों तक हर महीने 20,000 रुपये का सस्टेनेंस अलाउंस, 10 लाख रुपये तक का प्रोटोटाइप ग्रांट, 15 लाख रुपये तक की सीड फंडिंग और विशेष परिस्थितियों में इससे अधिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही क्लाउड सेवाओं, पेटेंट, गुणवत्ता प्रमाणन, अनुसंधान एवं विकास और अन्य नवाचार गतिविधियों के लिए भी वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।

महिला, ट्रांसजेंडर, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उद्यमियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं पूर्वांचल और बुंदेलखंड में स्थापित स्टार्टअप्स को भी अतिरिक्त लाभ दिए जाएंगे, ताकि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में समान रूप से उद्यमिता को बढ़ावा मिल सके।

नई नीति में इनक्यूबेटर्स और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया है। टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 1.25 करोड़ रुपये तक का कैपिटल ग्रांट, पूर्वांचल और बुंदेलखंड में 1.50 करोड़ रुपये तक की सहायता तथा परिचालन के लिए वार्षिक अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए विशेष पैकेज, निवेशकों का नेटवर्क और राज्य स्तरीय डीप-टेक यू-हब स्थापित करने की भी योजना है।

सरकार का मानना है कि यह नीति युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित करेगी। स्टार्टअप्स को विचार से लेकर बाजार तक पहुंचाने के लिए वित्तीय सहायता, मेंटरशिप, निवेश और आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख स्टार्टअप केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।

Previous News

गुरु पूर्णिमा पर बड़ा हादसा: राधारानी मानसरोवर कुंड में डूबने से 20 वर्षीय युवक की मौत

Next News

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को चीन से मिला ‌₹6,000 ‌करोड़ का फंड: ट्रंप प्रशासन ने शुरू की बड़ी जांच