संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा ने एंटी पेपर लीक (लोक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम संशोधन) विधेयक-2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक पर करीब 10 घंटे तक चली मैराथन चर्चा के बाद केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सरकार की ओर से जवाब दिया और विपक्ष के विरोध के बीच बिल को सदन की मंजूरी मिल गई।
चर्चा के दौरान लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। राहुल गांधी ने परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और छात्र आंदोलनों का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए, जबकि सरकार ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।
सरकार का कहना है कि संशोधन विधेयक का उद्देश्य पेपर लीक और संगठित परीक्षा घोटालों पर सख्ती से रोक लगाना, दोषियों के लिए कड़े दंड, जांच प्रक्रिया को मजबूत करना और सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। वहीं विपक्ष का आरोप है कि केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और जवाबदेही भी जरूरी है।
विधेयक पारित होने के साथ ही सदन में हंगामा जारी रहा। विपक्ष ने छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई समेत अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरा, जबकि सरकार ने इसे छात्रों के हित में उठाया गया बड़ा कदम बताया। लोकसभा की कार्यवाही बाद में दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।