मथुरा के मांट क्षेत्र में एक मंदिर को बिना पैमाइश और सक्षम अधिकारी के आदेश के तोड़े जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए एसडीएम मांट को शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत में मंदिर ध्वस्तीकरण के साथ महिलाओं से अभद्रता और मारपीट का भी आरोप लगाया गया है। वहीं प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
थाना मांट क्षेत्र के गांव मांट राजा निवासी शिव नारायण पुत्र जमुनादास ने उपजिलाधिकारी मांट को दिए शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि मांट राजा बांगर स्थित खसरा संख्या-410 में कॉलोनीवासियों ने आपसी सहयोग और चंदा एकत्र कर मंदिर का निर्माण कराया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने स्वयं मंदिर निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई थी।
आरोप है कि संबंधित हल्का लेखपाल नरेंद्र मधुर ने पुलिस की मौजूदगी में बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश और विधिक प्रक्रिया का पालन किए मंदिर को ध्वस्त करा दिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि गांव के कुछ लोगों की मिलीभगत से मंदिर को तुड़वाया गया और विरोध करने पर महिलाओं के साथ अभद्रता एवं मारपीट की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर तोड़े जाने से क्षेत्र के लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और पूरे गांव में रोष का माहौल है। शिकायतकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
वहीं, एसडीएम मांट चंद्र भूषण प्रताप ने बताया कि शिकायत पत्र प्राप्त हो गया है। मामले की जांच के लिए तहसीलदार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है, जो मौके का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए नियमानुसार सक्षम प्राधिकारी से अनुमति आवश्यक होती है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।