मथुरा। संस्कृति स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने एमएसएमई (MSME) आगरा के सहयोग से "इनोवेशन, टेक्नोलॉजी अडॉप्शन और सरकारी योजनाएं" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों, शोधार्थियों और नव उद्यमियों को नवाचार, आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से सफल उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. रघुराम भट्ट ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. डी.एस. तोमर एवं संस्कृति स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के डीन डॉ. पंकज कुमार गोस्वामी भी मौजूद रहे।
डॉ. पंकज कुमार गोस्वामी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि बदलते तकनीकी दौर में छात्रों के लिए इनोवेशन, नई तकनीकों और इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग की समझ बेहद जरूरी है। वहीं डॉ. डी.एस. तोमर ने विद्यार्थियों को ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हुए उद्यमिता कौशल विकसित करने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
प्रति कुलपति डॉ. रघुराम भट्ट ने कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव, शोध के बेहतर अवसर और रोजगार की नई संभावनाएं मिलती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से नवाचार आधारित शोध और उद्यमिता को अपनाकर देश के तकनीकी एवं आर्थिक विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
एमएसएमई आगरा के फैकल्टी कोऑर्डिनेटर गौरव कुमार ने रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंडस्ट्री 4.0 जैसी आधुनिक तकनीकों के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं विशेषज्ञ मनीष वर्मा ने स्टार्टअप, शोध, इनक्यूबेशन, स्किल डेवलपमेंट, प्रोडक्ट डिजाइन और वित्तीय सहायता से जुड़ी विभिन्न MSME सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला में 65 फैकल्टी सदस्यों, बड़ी संख्या में छात्रों, शोधार्थियों और नव उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नवाचार एवं उद्यमिता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।