नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर केंद्र सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे क्योंकि सरकार का मानना है कि पद छोड़ना समस्या का समाधान नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार पर फोकस कर रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA की कमियों की पहचान की जा रही है और उन्हें दूर करने के लिए एक विस्तृत सुधार योजना तैयार की जा रही है। सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे।
सरकार ने यह भी दावा किया है कि पेपर लीक में शामिल कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया जा चुका है और आने वाले दिनों में ऐसे नेटवर्क के खिलाफ और सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही परीक्षा में धांधली रोकने के लिए कानून को और कड़ा बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, प्रदर्शन कर रही CJP ने दो टूक कहा है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी गैर-समझौतावादी मांग है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक में भी संगठन अपने रुख पर कायम रहा। हालांकि सरकार ने सभी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत का दौर जारी है।