उत्तर प्रदेश के हरदोई रोडवेज बस अड्डे पर एक दर्दनाक हादसे में 32 वर्षीय नेहा सिंह की दो रोडवेज बसों के बीच दबकर मौत हो गई। हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। सबसे दर्दनाक बात यह है कि करीब 10 साल पहले नेहा के पति की भी इसी तरह एक सड़क दुर्घटना में दो वाहनों के बीच फंसकर मौत हो गई थी। अब परिवार के दोनों बच्चों के सिर से मां-बाप दोनों का साया उठ गया है।
जानकारी के अनुसार, खेतुई गांव निवासी नेहा सिंह एक निजी दवा कंपनी में कार्यरत थीं। वह कंपनी की बैठक में शामिल होने के लिए उन्नाव के बांगरमऊ जाने हेतु रोडवेज बस अड्डे पहुंची थीं। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, बस में चढ़ने के दौरान हरदोई और कन्नौज डिपो की दो रोडवेज बसें एक साथ आगे बढ़ीं, जिससे नेहा दोनों बसों के अगले हिस्से के बीच फंस गईं। उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने दोनों बस चालकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि चालक आसपास मौजूद यात्रियों पर ध्यान देते, तो यह हादसा टाला जा सकता था। घटना के बाद दोनों बस चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और बस अड्डे के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।