समाजवादी पार्टी (सपा) ने छात्र आंदोलन के दौरान सांसद डिंपल यादव की सक्रिय भूमिका को अब राजनीतिक अभियान का हिस्सा बना दिया है। राजधानी लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय के बाहर लगाए गए नए पोस्टरों में डिंपल यादव को घायल छात्रों की मदद करते हुए और आंदोलनकारियों के बीच संघर्ष करते हुए दिखाया गया है। वहीं, पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के संघर्ष और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की तस्वीरों को भी प्रमुखता से जगह दी गई है।
बताया जा रहा है कि हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान डिंपल यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में वह घायल छात्र की मदद करती और एक घायल छात्रा को पानी पिलाती नजर आई थीं। इस मानवीय पहल को अब समाजवादी पार्टी ने अपने राजनीतिक संदेश का हिस्सा बना लिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सपा इन पोस्टरों के जरिए खुद को छात्रों और युवाओं की आवाज के रूप में पेश करना चाहती है। पार्टी लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं, कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों को उठा रही है। पोस्टरों के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि सपा युवाओं के संघर्ष में उनके साथ खड़ी है।
दिल्ली में विपक्षी सांसदों के मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद डिंपल यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया और पुलिस कार्रवाई की आलोचना की थी। अब उसी पूरे घटनाक्रम को पोस्टरों के जरिए संगठनात्मक प्रचार में बदला जा रहा है।
सपा मुख्यालय पर लगे इन पोस्टरों को आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी का फोकस छात्र और युवा वर्ग पर है और वह इस मुद्दे को लेकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। यही वजह है कि डिंपल यादव की संवेदनशील छवि और अखिलेश यादव के संघर्ष को पोस्टरों के जरिए प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।