जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में मूसलाधार बारिश और बादल फटने के बाद आई फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। कई घर मलबे में दब गए हैं, दर्जनों वाहन बह गए और अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
पुंछ जिले के सुरनकोट इलाके में बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई। लोअर मुराह गांव में एक मकान पूरी तरह ढह गया, जिसमें एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई। कई अन्य मकानों को भी नुकसान पहुंचा है और कुछ लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
राजौरी जिले में भी हालात बेहद खराब हैं। फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, पुलों को नुकसान पहुंचा और कई वाहन तेज बहाव में बह गए। प्रशासन, सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश अभियान में बाधा बन रही है।
मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खराब मौसम को देखते हुए अमरनाथ यात्रा को भी एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं और मलबे में फंसे होने की संभावना है।