आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलवे अधिकारी और आरपीएफ जवानों के बीच हुए विवाद को लेकर पहली बार आरपीएफ की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। सीनियर डिवीजन कमांडेंट राजमोहन पिचाई ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पूरी घटना नहीं दिखाता और इससे गलत धारणा बन रही है। साथ ही उन्होंने जवानों के अनुचित व्यवहार को भी गलत बताया।
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हुई मारपीट की घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। सीनियर डिवीजन कमांडेंट राजमोहन पिचाई ने प्रेस वार्ता में कहा कि वायरल वीडियो घटना का केवल एक हिस्सा दिखाता है, जबकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
राजमोहन पिचाई ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी आरपीएफ जवान ने अनुशासनहीनता या अनुचित व्यवहार किया है तो उसे सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि रेलवे में अनुशासन सर्वोपरि है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि हिराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर रेलवे ऑपरेटिंग स्टाफ और आरपीएफ जवानों के बीच विवाद हुआ था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस मामले में चार आरपीएफ कर्मियों को निलंबित किया जा चुका है, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है और कुछ आरपीएफ जवानों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।