आगरा पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा, दोस्त के घर छिपाई मासूम, खुद ही लिखा फिरौती का पत्र
ताजनगरी आगरा से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। थाना जगदीशपुरा क्षेत्र में 10 वर्षीय बच्ची के कथित अपहरण की कहानी पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी निकली। पुलिस के खुलासे के मुताबिक, मासूम बच्ची का अपहरण किसी बदमाश ने नहीं, बल्कि उसके अपने पिता ने ही रचा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पिता पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज था। कर्ज के बोझ से निकलने और फिरौती की रकम हासिल करने के लिए उसने अपनी ही बेटी के फर्जी अपहरण की साजिश बनाई। योजना के तहत उसने बच्ची को अपने एक दोस्त के घर सुरक्षित छिपा दिया और इसके बाद घर के बाहर खुद ही फिरौती का पत्र डालकर परिजनों और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
12 जुलाई को बच्ची के अपहरण की सूचना मिलते ही थाना जगदीशपुरा पुलिस हरकत में आ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई पुलिस टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, अपहरण की कहानी में कई विरोधाभास सामने आए, जिससे पुलिस को साजिश का शक हुआ।
डीसीपी सिटी अली अब्बास के नेतृत्व में पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित थी और उसे आरोपी पिता के दोस्त के घर पर छिपाकर रखा गया था।
फिलहाल पुलिस ने बच्ची के पिता और उसके दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। दोनों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।