प्रयागराज/आगरा। ताजमहल के सर्वे को लेकर दायर याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। अदालत ने केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से जवाब तलब करते हुए मामले में अपना पक्ष दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
याचिका में आगरा की निचली अदालतों द्वारा एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त कर ताजमहल का निरीक्षण, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने की मांग खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि ताजमहल के संबंध में उनके दावों की जांच के लिए सर्वे आवश्यक है और इसी आधार पर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना केंद्र सरकार और ASI से काउंटर एफिडेविट (जवाबी हलफनामा) दाखिल करने को कहा है। अदालत संबंधित पक्षों का जवाब मिलने के बाद अगली सुनवाई में मामले पर विचार करेगी।
गौरतलब है कि यह मामला कई वर्षों से न्यायालय में लंबित है। याचिकाकर्ताओं ने पहले भी ताजमहल परिसर के सर्वे की मांग की थी, जिसे निचली अदालतों ने स्वीकार नहीं किया था। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी गई है। फिलहाल अदालत ने केवल संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है, सर्वे कराने का कोई आदेश अभी पारित नहीं किया गया है।