Please wait we are preparing awesome things...

Monday, 06 Jul 2026
ई-पेपर संस्करण
www.abhinews.co.in
उत्तर प्रदेश संस्करण
PAGE - 01
पत्रकार की पहल बनी दो अनाथ बहनों का सहारा, समाज ने मिलकर रच दी मानवता की मिसाल

कोसीकलां (मथुरा)। पत्रकारिता केवल खबरें प्रकाशित करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की शक्ति भी रखती है। इसका प्रेरणादायक उदाहरण कोसीकलां में देखने को मिला, जहां पत्रकार एवं समाजसेवी पिंटू उपाध्याय की पहल से कोरोना महामारी में अनाथ हुई दो बहनों के जीवन में नई उम्मीद की किरण जगी।

गांव फालैन निवासी नेहा और वर्षा ने कोरोना महामारी के दौरान अपने माता-पिता, एक भाई और दो बहनों को खो दिया था। इलाज में परिवार की पूरी जमा-पूंजी समाप्त हो गई और हालात इतने खराब हो गए कि उन्हें अपना मकान तक बेचना पड़ा। माता-पिता के निधन के बाद उनके चचेरे भाई सुनील कुमार ने मजदूरी कर दोनों बहनों का पालन-पोषण किया और हर मुश्किल में उनका सहारा बने रहे।

इसी बीच गांव कुशक बड़ौली निवासी रोहतास ने अपने पुत्र अमन और मनजीत के साथ बिना किसी दहेज और शर्त के दोनों बहनों का रिश्ता स्वीकार कर समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया। हालांकि विवाह की सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक संसाधनों की थी।

जब इस पूरे मामले की जानकारी पड़ोसी अशोक कुमार ने पत्रकार एवं समाजसेवी पिंटू उपाध्याय को दी, तो उन्होंने इसे केवल एक समाचार तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने समाज के प्रबुद्ध लोगों, दानदाताओं और सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील की। उनकी इस पहल का ऐसा असर हुआ कि जाति-पांति और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर लोग आगे आए और दोनों बेटियों के विवाह की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली।

समाज के सहयोग से अब तक करीब ₹1.70 लाख की आर्थिक सहायता के साथ फर्नीचर, बर्तन, कपड़े और गृहस्थी का आवश्यक सामान भी एकत्र किया जा चुका है। 8 जुलाई को दोनों बहनों का विवाह पूरे सम्मान, गरिमा और सामाजिक सहयोग के साथ संपन्न होगा, जिसकी सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

पत्रकार पिंटू उपाध्याय ने सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनशीलता, एकजुटता और मानवता की जीत है। उन्होंने कहा कि जब समाज किसी जरूरतमंद का हाथ थाम लेता है, तो सबसे कठिन परिस्थितियां भी आसान हो जाती हैं। यह पहल इस बात का जीवंत प्रमाण है कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़कर किसी के जीवन में नई उम्मीद जगाने की ताकत भी रखती है।

Previous News

IAS रिंकू सिंह राही के समर्थन में आया परिवार, पिता बोले- 'बेटे ने हमेशा कानून के दायरे में रहकर किया काम'

Next News

प्रेमी के साथ इंदौर से भागकर मथुरा पहुंची नाबालिग, RPF ने ट्रेन से किया रेस्क्यू