दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ कथित मारपीट के आरोपों को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने धरना स्थल पर बनाई जा रही अस्थायी लाइब्रेरी हटाने के दौरान छात्रों के साथ अभद्रता और मारपीट की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत डिपके ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान छात्रों को हिरासत में लेकर उनके साथ मारपीट की गई। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन स्थल पर रखी गई छत्रपति शिवाजी महाराज और शहीद भगत सिंह से जुड़ी पुस्तकों के साथ भी अनुचित व्यवहार किया गया। इन आरोपों को लेकर उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन का हिस्सा है, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी समर्थन देते हुए अनशन पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
वहीं, इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। फिलहाल प्रदर्शन जारी है और घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।