मथुरा में दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं की प्रदेशव्यापी हड़ताल मंगलवार को 24वें दिन भी जारी रही। 6 जून से चल रहे आंदोलन के कारण जनपद के रजिस्ट्री कार्यालयों में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री सहित अन्य पंजीकरण संबंधी कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आंदोलनकारी सोहन लाल ने बताया कि सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों, विशेष रूप से धारा 4 और धारा 5 के प्रावधानों का विरोध किया जा रहा है। उनका कहना है कि इन नियमों से दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं के कार्यक्षेत्र तथा आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इन नियमों में संशोधन नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन और अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने सरकार से जल्द वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की है।
इस हड़ताल को दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं, स्टांप वेंडरों, फोटोग्राफरों और रजिस्ट्री कार्य से जुड़े अन्य कर्मचारियों का भी समर्थन मिल रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह लड़ाई उनके अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा के लिए है और मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।