उत्तराखंड के चमोली जिले के तुंगेश्वर डाकघर में डाक वितरण व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि डाक विभाग के कर्मचारियों ने पंजीकृत डाक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, सरकारी नोटिस और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को संबंधित लोगों तक पहुंचाने के बजाय बोरियों में भरकर निजी आवासों में छिपाकर रखा हुआ था।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब कई लोगों के आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज सड़क पर बिखरे हुए मिले। इसके बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। बताया जा रहा है कि बरामद डाक में वर्ष 2025 की पंजीकृत डाक भी शामिल है, जो महीनों से लोगों तक नहीं पहुंचाई गई थी।
समय पर सरकारी नोटिस, बैंकिंग दस्तावेज और पहचान पत्र न मिलने के कारण कई नागरिकों को आर्थिक नुकसान और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। मामले में शाखा डाक अधिकारी ने जिम्मेदारी डाक वितरक पर डालते हुए सफाई दी है, जबकि उपजिलाधिकारी थराली ने पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यह घटना डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और यह दर्शाती है कि लापरवाही किस तरह आम नागरिकों के अधिकारों और जरूरी सेवाओं को प्रभावित कर सकती है।