लोकसभा चुनाव के बाद संगठन को मजबूत करने की कवायद में जुटी कांग्रेस ने बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए चार महासचिवों के प्रभार में बदलाव किया है। पार्टी नेतृत्व ने आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस फेरबदल को कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi और वरिष्ठ नेता Priyanka Gandhi Vadra की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस संगठन में लंबे समय से बदलाव की तैयारी चल रही थी। हाल ही में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने एआईसीसी पदाधिकारियों और विभिन्न राज्यों के प्रभारियों के साथ कई दौर की बैठकें की थीं, जिनमें संगठन की कार्यप्रणाली और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई। इसके बाद कई राज्यों और केंद्रीय संगठन में बदलाव का रास्ता साफ हुआ।
पार्टी का फोकस विशेष रूप से उन राज्यों पर है जहां आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि नए चेहरों और नई जिम्मेदारियों के जरिए संगठन को जमीनी स्तर पर अधिक सक्रिय बनाया जा सकता है। हाल के दिनों में पार्टी के भीतर प्रदर्शन और संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा भी की गई थी, जिसके आधार पर यह फेरबदल किया गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस का यह कदम केवल पदों के बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा है। पार्टी राज्यों में संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और चुनावी तैयारियों को धार देने के उद्देश्य से लगातार बदलाव कर रही है।
अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि संगठन में किए गए इन बदलावों का कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति और आगामी चुनावी प्रदर्शन पर कितना असर पड़ता है।