मथुरा का राजकीय संग्रहालय जल्द ही नए और आधुनिक स्वरूप में नजर आएगा। प्राचीन मूर्तियों, दुर्लभ शिल्प कला और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध यह संग्रहालय अब पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की तैयारी में है। इसके लिए सुंदरीकरण और आधुनिक सुविधाओं से जुड़ी कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
डैंपियर नगर स्थित राजकीय संग्रहालय में कुषाणकाल और गुप्तकाल की दुर्लभ मूर्तियों का अनमोल संग्रह सुरक्षित है। यहां मौजूद कई ऐतिहासिक प्रतिमाएं देशभर में आयोजित होने वाली बड़ी सांस्कृतिक और कला प्रदर्शनियों में विशेष रूप से प्रदर्शित की जाती हैं। कुछ माह पूर्व मुंबई में आयोजित प्रदर्शनी में भी संग्रहालय की कई महत्वपूर्ण मूर्तियां भेजी गई थीं।
संग्रहालय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां भगवान श्रीकृष्ण और महात्मा बुद्ध की प्रथम ऐतिहासिक प्रतिमाएं सुरक्षित रखी गई हैं, जिन्हें इतिहासकार और शोधकर्ता अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हैं। यही वजह है कि यह संग्रहालय देश-विदेश के इतिहास प्रेमियों और शोधार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
अब संग्रहालय में प्रदर्शित मूर्तियों की सुंदरता को और अधिक उभारने के लिए आधुनिक लाइटिंग सिस्टम लगाया जाएगा। साथ ही संग्रहालय के मुख्य प्रवेश द्वार को भी नया और आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा, जिससे यहां आने वाले पर्यटकों को प्रवेश करते ही एक अलग अनुभव प्राप्त हो सके।
राजकीय संग्रहालय के उपनिदेशक योगेश यादव ने बताया कि सरकार द्वारा संग्रहालय के सुंदरीकरण की योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए विभिन्न एजेंसियां निरीक्षण कर रही हैं और प्रस्तावित कार्यों का आकलन किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद संग्रहालय न केवल इतिहास प्रेमियों बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा।
इस पहल का उद्देश्य मथुरा आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों के साथ-साथ ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से भी जोड़ना है, जिससे पर्यटन को नई दिशा और पहचान मिल सके।