हाथरस जनपद के मुरसान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में उस समय हड़कंप मच गया, जब महिला हेल्थ विजिटर बीना सिंह अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल उनका उपचार शुरू कराया।
बीना सिंह का आरोप है कि सीएचसी प्रभारी डॉ. दलबीर सिंह द्वारा लगातार मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी चिकित्सक ने उन्हें कार्यालय में बुलाकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया, मानसिक दबाव बनाया और कथित तौर पर एक लाख रुपये की मांग भी की। बीना सिंह के अनुसार, बातचीत के दौरान तनाव बढ़ने से उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही उनके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। परिजनों के पहुंचने के बाद अस्पताल में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. वेद प्रकाश मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर पूरी घटना की जानकारी ली। सीएमओ ने मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।
वहीं दूसरी ओर, सीएचसी प्रभारी डॉ. दलबीर सिंह ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि बीना सिंह से केवल कार्य में कथित लापरवाही को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की अभद्रता या धन की मांग का आरोप पूरी तरह निराधार है।
फिलहाल सीएमओ ने दोनों पक्षों से लिखित शिकायत मांगी है और कहा है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग में कार्यस्थल के माहौल और कर्मचारियों के बीच संबंधों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।