मथुरा के नौहझील क्षेत्र में कार चोरी के नाम पर बीमा कंपनी से रकम हड़पने की साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस कार को चोरी होना बताया गया था, वह वास्तव में चोरी नहीं हुई थी, बल्कि बीमा क्लेम हासिल करने के लिए पूरी कहानी गढ़ी गई थी। मामले में पुलिस ने आरोपी उमेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी ने अपनी कार चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी और बीमा कंपनी से क्लेम लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। शुरुआती जांच में मामला सामान्य वाहन चोरी का लग रहा था, लेकिन पुलिस को कुछ तथ्यों पर संदेह हुआ। इसके बाद तकनीकी और स्थानीय स्तर पर की गई जांच में कई अहम सुराग हाथ लगे।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि कार चोरी की कहानी पूरी तरह फर्जी थी। आरोप है कि वाहन को खुद ही गायब कराया गया और बाद में चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर बीमा राशि प्राप्त करने की योजना बनाई गई। पूछताछ और सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर कार्रवाई की।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में न सिर्फ बीमा कंपनियों को आर्थिक नुकसान पहुंचता है, बल्कि पुलिस और प्रशासनिक संसाधनों का भी दुरुपयोग होता है। इसलिए बीमा धोखाधड़ी और फर्जी शिकायतों के मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।
मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस कथित साजिश में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। साथ ही वाहन को छिपाने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के एंगल पर भी जांच की जा रही है।
मथुरा पुलिस की इस कार्रवाई को बीमा धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के फर्जी क्लेम या झूठी रिपोर्ट के जरिए कानून को गुमराह करने की कोशिश न करें, क्योंकि ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है।