शेरगढ़ (मथुरा)। शेरगढ़ थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत आदमपुर में मानवता और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल देखने को मिली। गांव में एक बंदर की मृत्यु होने पर ग्रामीणों ने पूरे सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उसका अंतिम संस्कार किया। इसके बाद उसकी स्मृति में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया।
ग्रामीणों के अनुसार मृत बंदर लंबे समय से गांव में रह रहा था और लोगों के बीच विशेष लगाव का विषय बन गया था। उसकी मृत्यु की सूचना मिलते ही गांव में शोक का माहौल बन गया। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से अंतिम संस्कार की व्यवस्था की और विधि-विधान से उसका दाह संस्कार किया।
अंतिम संस्कार के उपरांत आयोजित भंडारे में सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने जीव-जंतुओं के प्रति दया, करुणा और संरक्षण का संदेश भी दिया। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सभी जीवों को ईश्वर का अंश माना जाता है और उनके प्रति सम्मान का भाव रखना हमारी परंपरा का अभिन्न हिस्सा है।
इस अनूठे आयोजन की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि आज के समय में, जब इंसानियत और संवेदनशीलता में कमी महसूस की जाती है, ऐसे में आदमपुर के ग्रामीणों ने एक मूक प्राणी के प्रति सम्मान व्यक्त कर समाज को सकारात्मक संदेश देने का कार्य किया है।
ग्रामीणों द्वारा किए गए इस सराहनीय कार्य की क्षेत्रभर में प्रशंसा हो रही है। इस अवसर पर यादराम तिवारी, नीरज तिवारी, सचिन तिवारी, चंदू तिवारी, गुल्लू तिवारी एवं ओमप्रकाश मास्टर सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।