जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 701 कथित ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस अभियान के दौरान नशे के कारोबार से जुड़ी करीब 45 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी जब्त की गई हैं, जिससे पूरे ड्रग नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क को भी पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा। इसी रणनीति के तहत अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त किया जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में कई तस्करों की संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गई है।
'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर' अभियान के तहत लगातार छापेमारी, गिरफ्तारी और वित्तीय जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, ड्रग तस्करी के साथ जुड़े आर्थिक स्रोतों को खत्म करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है, ताकि नशे के कारोबार की जड़ पर चोट की जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ड्रग तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। इसके अलावा बैंक खातों की जांच, संपत्तियों की कुर्की और अन्य कानूनी कदम भी उठाए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि कठोर कार्रवाई के जरिए युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकता है।
701 तस्करों की गिरफ्तारी और करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त होने से यह साफ संकेत गया है कि जम्मू-कश्मीर में ड्रग माफियाओं के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां आने वाले समय में भी ऐसे अभियानों को और तेज करने की तैयारी में हैं।