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Monday, 15 Jun 2026
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"मेरी आंखों के सामने पत्नी और बेटा कट गए..." मुरैना रेल हादसे में छलका पति का दर्द

मध्य प्रदेश के मुरैना में हुए दर्दनाक रेल हादसे के बाद सामने आई एक परिवार की कहानी ने पूरे देश को भावुक कर दिया है। हादसे में अपनी पत्नी और चार वर्षीय बेटे को खोने वाले नदीम खान ने उस भयावह मंजर को याद करते हुए कहा, "मैं देखता रह गया और मेरी पत्नी-बेटा ट्रेन की चपेट में आ गए।" उनका यह बयान सुनकर हर किसी की आंखें नम हो रही हैं।

नदीम खान अपने परिवार के साथ खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से आगरा लौट रहे थे। यात्रा के दौरान अचानक किसी ने ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैला दी। देखते ही देखते कोच में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन से नीचे उतरने लगे। इसी दौरान नदीम की पत्नी अफरीन अपने चार साल के बेटे अशद को गोद में लेकर ट्रेन से नीचे उतर गईं।

नदीम के मुताबिक, भीड़ और भगदड़ के बीच उनका बड़ा बेटा उनसे बिछड़ गया था। वह उसे ढूंढने के लिए कोच के अंदर गए, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद बगल की पटरी पर तेज रफ्तार से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस वहां पहुंच गई। जब तक वह कुछ समझ पाते, उनकी पत्नी और बेटा ट्रेन की चपेट में आ चुके थे। "मेरी आंखों के सामने मेरा पूरा परिवार बिखर गया," नदीम ने रोते हुए बताया।

हादसे में अफरीन (35), उनके बेटे अशद (4), शकुंतला देवी (60) और वीरमा देवी (58) की मौत हो गई। रेलवे की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रेन में आग लगने की कोई पुष्टि नहीं हुई थी। एक अफवाह और उसके बाद मची भगदड़ ने चार लोगों की जान ले ली।

इस हादसे की एक और मार्मिक कहानी 9 वर्षीय रिजवान की है, जिसने अपनी आंखों के सामने अपनी मां और छोटे भाई को खो दिया। कुछ मिनट पहले तक जो परिवार साथ सफर कर रहा था, वह देखते ही देखते हमेशा के लिए बिखर गया।

मुरैना का यह हादसा सिर्फ एक रेल दुर्घटना नहीं, बल्कि अफवाह और घबराहट के खतरनाक परिणामों की दर्दनाक मिसाल बन गया है। कुछ सेकंड की दहशत ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं और अपनों को जीवनभर का दर्द दे दिया।

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