दिल्ली यूनिवर्सिटी की सहायक प्रोफेसर डॉ. देबोस्मिता पॉल की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बर्धमान से एक दंपति को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर विवाद की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, शिवाजी कॉलेज में अंग्रेजी की सहायक प्रोफेसर डॉ. देबोस्मिता पॉल अपने पूर्वजों की एक संपत्ति की मालिक थीं। गिरफ्तार दंपति उसी संपत्ति में किरायेदार के रूप में रह रहा था और मकान खाली करने को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी दंपति लगभग 1400 किलोमीटर का सफर तय कर दिल्ली पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज में दोनों को मास्क पहनकर प्रोफेसर के अपार्टमेंट में प्रवेश करते देखा गया। वे करीब 30 मिनट तक फ्लैट के अंदर रहे और फिर कपड़े बदलकर कैब से फरार हो गए। इसी फुटेज और कैब की जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
गौरतलब है कि पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित फ्लैट में प्रोफेसर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। उनकी बहन ने पुलिस को सूचना दी थी। जांच के दौरान पुलिस को घर में लूटपाट के कोई संकेत नहीं मिले थे, जिसके बाद हत्या के पीछे व्यक्तिगत या संपत्ति विवाद की आशंका जताई गई थी।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार दंपति से पूछताछ कर रही है और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है