उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ चरखारी कोतवाली क्षेत्र के करहरा खुर्द गांव में रहने वाले एक 21 वर्षीय युवा किसान अरविंद पाल ने आर्थिक तंगी से तंग आकर अपने ही खेत में पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अरविंद अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। पिता की मौत के बाद महज चार बीघा खेती और मजदूरी के भरोसे वह अपनी मां, पत्नी, दो बहनों और एक साल की मासूम बेटी का पेट पाल रहा था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
परिजनों के अनुसार, साल 2020 में अरविंद ने अपनी बड़ी बहन की शादी के लिए साहूकारों से करीब तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था। उम्मीद थी कि खेती से कर्ज चुका देगा, लेकिन लगातार फसल खराब होने के कारण वह कर्ज की एक पाई भी नहीं लौटा पाया। ऊपर से साहूकारों का बढ़ता दबाव और अब छोटी बहन की शादी की चिंता उसे दिन-रात खाए जा रही थी। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के आगे आखिरकार इस युवा अन्नदाता ने घुटने टेक दिए और मौत को गले लगा लिया। इस खौफनाक कदम के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।