मथुरा के यमुना पार स्थित डंपिंग यार्ड में मृत गोवंश के शव खुले में पड़े मिलने से नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और गोरक्षक संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिली। आरोप है कि नगर निगम मृत पशुओं के निस्तारण के लिए शुल्क वसूलता है, लेकिन निर्धारित मानकों के अनुरूप उनका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं किया जा रहा।
मौके पर पहुंचे पार्षद कुलदीप पाठक और यतेंद्र कुमार ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि शवों को खुले गड्ढों में फेंकने से क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। पार्षदों ने नगर निगम अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।